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à¤à¥à¤°à¥‚ण के विकास को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ करने वाले कारक :
à¤à¥à¤°à¥‚ण ( à¤à¤‚बà¥à¤°à¥€à¤¯à¥‹) को काफी चीजें पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ कर सकती हैं , माता की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ उनका आहार या उनकी आयà¥, सामाजिक कारण , शारीरिक करण , या वंशानà¥à¤—त कारक और आदि। à¤à¥à¤°à¥‚ण के विकास की पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ को à¤à¤‚बà¥à¤°à¥€à¤¯à¥‹à¤œà¥‡à¤¨à¥‡à¤¸à¥€à¤¸ कहते हैं।
१) वंशानà¥à¤•à¥à¤°à¤® कारक : यह à¤à¥à¤°à¥‚ण के विकास को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ करता हैं । माता- पिता से बचà¥à¤šà¥‡ को कà¥à¤› विशेषताà¤à¤‚ मिलती हैं जो गरà¥à¤µ और जनà¥à¤® के समय मिलती हैं । यह अनà¥à¤µà¤¾à¤‚शिक (जेंटिक) कारक होते है।
२) गरà¥à¤µà¤µà¤¤à¤¿ माता का सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥: माता का सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥ अचà¥à¤›à¤¾ ना हो तो वह à¤à¥à¤°à¥‚ण को काफी पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ कर सकता हैं । जिनके कारण गरà¥à¤à¤¸à¥à¤¥ शिशॠका विकास अवरूदà¥à¤§ होता है । माता का सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥ कà¥à¤ªà¥‹à¤·à¤£, गरीबी आदि के कारण खराब हो सकता हैं।
३) माता की आयॠ: अगर माता की आयॠकम हैं तो à¤à¥à¤°à¥‚ण को पूरा पोषण नहीं मिल पाà¤à¤—ा । माता की आयॠकम होगी तो वह पूरà¥à¤£ रूप से बचà¥à¤šà¥‡ देने के लिठतैयार नहीं होती हैं ।
४) वातावरण : माता किस वातावरण में हैं यह à¤à¥€ à¤à¥à¤°à¥‚ण के विकास के लिठमहतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ होता हैं। सतारातà¥à¤®à¤• वातावरण काफी ज़रूरी होता हैं।
५) शारीरिक कारण : माता की दिनचरà¥à¤¯à¤¾ , पोषण , निदà¥à¤°à¤¾ विशà¥à¤°à¤¾à¤® , वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® और मनोरंजन।
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